प्रशिक्षण कार्यक्रमों की हकीकत जांचेगी सरकार, गुणवत्ता होगी Audit के केंद्र में…

training programs, quality will be at the center of the Audit: सरकारी कौशल विकास योजनाओं के तहत संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और प्रभावशीलता को लेकर निगरानी का मुद्दा अहम हो गया है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के क्रियान्वयन पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की निष्पादन लेखापरीक्षा में प्रशिक्षण व्यवस्था से जुड़ी कई कमियां सामने आई थीं। रिपोर्ट में प्रशिक्षण केंद्रों के निरीक्षण, प्रशिक्षुओं के सर्वेक्षण और योजना के क्रियान्वयन का आकलन किया गया।

Audit रिपोर्ट के अनुसार, योजना के तीन चरणों में 1.32 करोड़ अभ्यर्थियों को प्रमाणित करने का लक्ष्य रखा गया था, जबकि 1.10 करोड़ अभ्यर्थियों को प्रमाणित किया गया। वहीं, अल्पकालिक प्रशिक्षण और विशेष परियोजना घटकों के तहत प्रमाणित 56.14 लाख अभ्यर्थियों में से 23.18 लाख को रोजगार मिलने का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट में कुछ प्रशिक्षण भागीदारों की ओर से रोजगार के प्रमाण के रूप में गलत दस्तावेज प्रस्तुत करने की बात भी सामने आई।

रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने राज्यसभा में बताया कि 2,393 स्किल इंडिया केंद्रों के भौतिक निरीक्षण के बाद 41 केंद्रों के खिलाफ FIR दर्ज की गई, जबकि 178 प्रशिक्षण भागीदारों को नियमों का अनुपालन नहीं करने वाला पाया गया। इसके अलावा, 11 संस्थाओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। मंत्रालय ने प्रशिक्षण केंद्रों की निगरानी के लिए वर्चुअल सत्यापन की व्यवस्था का भी उल्लेख किया।

प्रशिक्षण कार्यक्रमों के Audit का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं पर खर्च होने वाली सरकारी धनराशि का सही उपयोग हो और प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को वास्तविक कौशल एवं रोजगार के अवसर मिलें। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर यह पुष्टि नहीं होती कि सरकार ने सभी प्रशिक्षण कार्यक्रमों के नए ऑडिट का कोई अलग आदेश जारी किया है। इसलिए इस खबर को किसी विशेष राज्य या विभाग की नई घोषणा के रूप में प्रकाशित करने से पहले संबंधित सरकारी आदेश या आधिकारिक बयान की पुष्टि करना जरूरी होगा।

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Aarti Rawat
Aarti Rawat