Congress brushes aside Harak Singh: उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत से जुड़ा पारिवारिक विवाद अब राजनीतिक रंग लेने लगा है। इस मामले पर कांग्रेस ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए विवाद से दूरी बना ली है। कांग्रेस प्रदेश महामंत्री राजेंद्र शाह ने कहा कि हरक सिंह रावत के पारिवारिक विवाद से पार्टी का दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है। यह उनका निजी मामला है और पार्टी को इसमें शामिल नहीं किया जाना चाहिए।
दरअसल, विवाद उस समय चर्चा में आया जब पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष और हरक सिंह रावत की पत्नी दीप्ति रावत ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपनी बात रखी। उन्होंने एक अन्य महिला को हरक सिंह रावत की पत्नी बताए जाने पर आपत्ति जताई और कहा कि यदि कोई ऐसा दावा कर रहा है तो उसके समर्थन में ठोस तथ्य और प्रमाण सामने रखे जाने चाहिए। दीप्ति रावत ने यह भी कहा कि भ्रामक खबरों से उन्हें और उनके परिवार को मानसिक पीड़ा पहुंच रही है।
इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में देहरादून के रहने वाले दिव्यांग हरिओम सहगल की ओर से संपत्ति लेन-देन को लेकर की गई शिकायत भी है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2021 में 56 लाख रुपये में संपत्ति का सौदा हुआ था, लेकिन उन्हें पूरी रकम नहीं मिली। इस मामले में सोनिया आनंद रावत का नाम सामने आया है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए देहरादून पुलिस ने विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। हालांकि, ये सभी आरोप हैं और इनकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
वहीं, मामले को लेकर भाजपा नेताओं ने भी कांग्रेस और हरक सिंह रावत पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। भाजपा नेताओं ने पारिवारिक विवाद और संपत्ति से जुड़े आरोपों पर हरक सिंह रावत से सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। ऐसे में यह मामला अब केवल पारिवारिक विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि उत्तराखंड की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल कांग्रेस ने इसे निजी मामला बताते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया है।
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